Friday, 26 October 2012

RASHTRIYA GAU SEVA RAKSHA DAL BHADRA



गौहत्या बन्द करो
राष्ट्रीय  गौ  सेवा  रक्षा  दल  भादरा ( राज. )


सन् 1958 मे सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अध्याय चार के 48वें अनुच्छेद की व्याख्या करते हुऐ फैसला किया था कि गौवंश का कत्ल नही किया जा सकता चाहे गौवंश बुढ़ा हो बीमार या बेकार हो। गौहत्या करने वाले का दस साल की सजा का प्रावधान है। 
परन्तु केन्द्रीय और राज्य शासनों के ढ़ुलमुल रैवये के कारण देश मे रोजाना हजारों गायों का कत्ल खुले आम हो रहा है। स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है इसी कारण गौहत्या करने वाले निडर होकर गलियों या जंगलों मे खुलेआम गाय का कत्ल कर रहे है। कार्यवाही के नाम पर केवल लीपापोती कर दी जाती है।
गाय का कत्ल करने वाले हिन्दू धर्म की भावनाओं की खुलेआम खिल्ली उड़ा रहे है।
गाय हिन्दुओं के लिए माँ तुल्य है। हिन्दुओं की गाय के प्रति आस्था सनातन काल से चली आ रही है। गाय पर हो रहे अत्याचार को कोई हिन्दू बर्दास्त नही कर सकता। गौहत्या करने वाले के लिए यह एक पशु है परन्तु हिन्दुओं के लिए गाय माता समान है। किसी धर्म की भावनाओं से खिलवाड़ करना घोर निन्दनीय और अपराध है।
भारतीय तिरंगे से यदि आस्था निकाल दी जाये तो वह केवल कपड़े का एक टुकड़ा है और कुछ भी नही। कुरान, गीता, बाईबिल और गुरू ग्रन्थ साहिब से आस्था निकाल दी जाऐ तो वे केवल कागजों के टुकड़े है।
यदि हिन्दुस्तान की धरती पर हिन्दुओं की आस्था का प्रतीक गाय की रक्षा नही हो सकती तो विश्व के किसी कोनें मे हिन्दुओं की मान्यताओं की रक्षा नही हो सकती। 

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